Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में चावल खाना है सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤? जानिठयहां
बढ़ता वरà¥à¤•होलिक कलà¥â€à¤šà¤°, अनियमित लाइफसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² और गलत खान-पान की आदतों की वजह से à¤à¤• बड़ी आबादी बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥â€à¤¯à¤¾ से जूठरही है. आजकल यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में à¤à¥€ बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥â€à¤¯à¤¾ आम हो गई है. बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° हाई हो या लो, दोनों ही खतरनाक माने जाते हैं. अगर बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° हाई होता है तो इससे हारà¥à¤Ÿ अटैक और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा बढ़ जाता है. बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मरीज गंà¤à¥€à¤° परिणामों के डर से चावल खाना तक छोड़ देते हैं.
कà¥â€à¤¯à¤¾ आपको पता है हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° वाले मरीज à¤à¥€ अपनी डाइट में चावल को शामिल कर सकते हैं लेकिन ये चावल कौन सा होना चाहिà¤, इसकी जानकारी होना बहà¥à¤¤ जरूरी है. जानते हैं आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठकौन सा चावल होगा लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•.
हेलà¥â€à¤¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¨
के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यदि आप बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीज हैं और आपको चावल खाना à¤à¥€ खूब पसंद है, तो इसका à¤à¤• ही उपाय है. आप सफेद चावल की जगह अपनी डाइट में बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस को शामिल कर सकते हैं. बà¥â€à¤²à¤¡à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीजों को सफेद चावलों से दूर रहने के लिठइसलिठकहा जाता है, कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें गà¥â€à¤²à¥‚कोज अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में होता है. सफेद चावल खाने से बॉडी में गà¥â€à¤²à¥‚कोज का सà¥â€à¤¤à¤° बढ़ जाता है, जिसकी वजह से बà¥â€à¤²à¤¡à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¥€ बढ़ जाता है.
सफेद चावल के विपरीत बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस में फाइबर के साथ ही साथ मिनरल, पोटेशियम और मैगà¥â€à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है. कई अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ हो चà¥à¤•ी है कि पोटेशियम और मैगà¥â€à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® रिच डाइट आपके शरीर से हानिकारक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ को बाहर निकालने में मददगार होती है. इससे बà¥â€à¤²à¤¡à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को बेहतर ढंग से कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में à¤à¥€ मदद मिलती है. यही वजह है कि बà¥â€à¤²à¤¡à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीजों को सफेद चावल की जगह बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस खाने को सलाह दी जाती है.
चावल को कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का बहà¥à¤¤ अचà¥â€à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना जाता है. सफेद चावल में से चोकर को पूरी तरह से हटा दिया जाता है, इससे इसकी पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता कम हो जाती है. वहीं दूसरी ओर बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥â€à¤¤ à¤à¤‚डोसà¥â€à¤ªà¤°à¥à¤® और रेशेदार चोकर à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में होता है. इसलिठइसमें à¤à¤• अनाज में पाठजाने वाले सà¤à¥€ पोषक ततà¥â€à¤µ à¤à¤• साथ मिल जाते हैं.
बहà¥à¤¤ फायदेमंद है बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस
इसमें पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर होता है, जो वजन घटाने में मदद करता है. इसमें पाया जाने वाला मैगà¥â€à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® बà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखता है. बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस हारà¥à¤Ÿ को तंदरà¥à¤¸à¥â€à¤¤ रखता है जिससे हारà¥à¤Ÿ अटैक और सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा कम होता है. बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस में बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टिऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट à¤à¥€ होते हैं.
| --------------------------- | --------------------------- |